वास्तविक संख्याएँ कक्षा 10: नोट्स और उदाहरण
कक्षा 10 के लिए वास्तविक संख्याएँ, अभाज्य गुणनखंड, HCF–LCM और अपरिमेयता के प्रमाण सरल हिंदी में पढ़ें। हल किए उदाहरण और अभ्यास भी उपलब्ध हैं।
About 3 min readReviewed by Codex (AI translation and content review)Syllabus NCERT 2026–27 reprint (selected topics)Updated 4/9/2026
वास्तविक संख्याओं में परिमेय और अपरिमेय दोनों संख्याएँ आती हैं। परिमेय संख्या को p/q के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0 है। अपरिमेय संख्या को इस रूप में नहीं लिख सकते। कक्षा 10 में अभाज्य गुणनखंडों की सहायता से विभाज्यता और कुछ वर्गमूलों की अपरिमेयता समझते हैं।
संख्याओं को पहचानें
| संख्या | प्रकार | कारण |
|---|---|---|
| −3 | पूर्णांक और परिमेय | −3/1 के रूप में लिख सकते हैं। |
| 0.75 | परिमेय | यह 3/4 के बराबर है। |
| √2 | अपरिमेय | इसे दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में नहीं लिख सकते। |
| √9 = 3 | परिमेय | वर्गमूल का चिह्न होना ही अपरिमेय होने का प्रमाण नहीं है। |
अभाज्य गुणनखंड और आधारभूत प्रमेय
1 से बड़े प्रत्येक पूर्णांक का अभाज्य गुणनखंडन, गुणनखंडों के क्रम को छोड़कर, अद्वितीय होता है। उदाहरण के लिए 90 = 2 × 3² × 5। गुणनखंड निकालने के अलग रास्ते अपनाने पर भी अंतिम अभाज्य संख्याएँ और उनकी घातें समान रहती हैं। 1 न अभाज्य है, न भाज्य।
महत्तम समापवर्तक और लघुत्तम समापवर्त्य
24 और 36 का HCF तथा LCM
- 124 = 2³ × 3 और 36 = 2² × 3²।
- 2HCF = 2² × 3 = 12: समान अभाज्य गुणनखंडों की छोटी घातें लें।
- 3LCM = 2³ × 3² = 72: उपस्थित सभी अभाज्य गुणनखंडों की बड़ी घातें लें।
- 4जाँच: 12 × 72 = 864 = 24 × 36। यह गुणनफल वाला नियम दो धनात्मक पूर्णांकों के लिए है।
√2 अपरिमेय क्यों है?
विरोधाभास से प्रमाण
- 1मान लें √2 = a/b न्यूनतम रूप में है और b ≠ 0 है। वर्ग करने पर a² = 2b² मिलता है।
- 2a² सम है, इसलिए a सम है। a = 2k रखने पर b² = 2k² मिलता है, इसलिए b भी सम है।
- 3a और b दोनों में 2 का गुणनखंड है, जबकि भिन्न को न्यूनतम रूप में माना था। यह विरोधाभास है, इसलिए √2 अपरिमेय है।
पढ़ाई का क्रम
- पहले अभाज्य गुणनखंड विधि समझें और एक HCF–LCM उदाहरण स्वयं हल करें।
- पाठ्यपुस्तक के प्रश्न हल करने के बाद अभ्यास 1.1 के अंग्रेज़ी समाधान से जाँचें।
- मूल वर्कशीट हल करें, फिर अंग्रेज़ी ऑनलाइन अभ्यास प्रश्न आज़माएँ।
- प्रमाण में मान्यता, विभाज्यता का तर्क और विरोधाभास तीनों स्पष्ट लिखें।
आधारभूत प्रमेय और HCF–LCM के सवाल